गाइड

नेटिव एडवरटाइज़िंग

नेटिव एडवरटाइज़िंग और स्पॉन्सर्ड कॉन्टेंट के लिए पूरी गाइड

नेटिव एडवरटाइज़िंग ऐसा तरीक़ा है जिसमें ब्रैंड, ऐड को कॉन्टेंट के साथ प्राकृतिक रूप से मिलाते हैं. इससे, बिज़नेस को ऑडियंस तक पहुँचने में मदद मिलती है, बिना उनके अनुभव में बाधा डाले.

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नेटिव एडवरटाइज़िंग क्या है?

नेटिव एडवरटाइज़िंग तब कहा जाता है, जब ऐड को आसपास मौजूद कॉन्टेंट के लुक और फ़ंक्शन के साथ मिक्स करने के लिए डिज़ाइन किया जाता है. ये आस-पास के कॉन्टेंट से मेल खाते हैं, ताकि यूज़र इन्हें अलग या दखल देने वाले प्रमोशन के बजाय अनुभव का हिस्सा समझें.

नेटिव एडवरटाइज़िंग क्यों ज़रूरी है?

नेटिव एडवरटाइज़िंग ज़रूरी है, क्योंकि यह पारंपरिक ऐड से अलग ब्रैंड को ऑडियंस तक ऐसे तरीक़े से पहुँचने में मदद करती है, जो स्वाभिक और एंगेजिंग लगती है. Amazon Ads 2025 हायर इम्पैक्ट स्टडी के मुताबिक़, 91% कंज़्यूमर चाहते हैं कि वे ख़ुद तय करें कि वे कब और कहाँ किसी ब्रैंड के साथ इंटरैक्ट करें,1 जो बिना बाधा डालने वाली एडवरटाइज़िंग अप्रोच की ज़रूरत को हाइलाइट करता है. ये ऐड, ब्रैंड को ज़्यादा एंगेजमेंट पाने में मदद कर सकते हैं, क्योंकि ये यूज़र के अनुभव में बाधा नहीं डालते और इसके बजाय उस कॉन्टेक्स्ट से मैच करती हुई वैल्यू देते हैं जहाँ कंज़्यूमर पहले से एंगेज हैं.

नेटिव एडवरटाइज़िंग किस तरह काम करती है?

नेटिव एडवरटाइज़िंग प्लेटफ़ॉर्म के स्टाइल, टोन और फ़ॉर्मेट के साथ मैच करने वाला कॉन्टेंट बनाकर काम करती है, फिर उसे ज़्यादा से ज़्यादा पहुँच और असर के लिए इंटीग्रेट किया जाता है. ब्रैंड, सम्बंधित ऑडियंस और प्लेसमेंट चुनते हैं, ताकि नेटिव ऐड जाने-माने और मददगार लगें.

कॉन्टेंट बनाना

ब्रैंड ऐसे कॉन्टेंट को डिज़ाइन करके नेटिव ऐड बनाते हैं जो उस चैनल की स्टाइल, टोन और फ़ॉर्मेट से मैच करता है जहाँ वे दिखेंगे. इसका मतलब ऐसे विज़ुअल, कॉपी और मैसेजिंग तैयार करना है जो यूज़र को वैसे ही दिखें और पढ़ने में लगें, जैसे वे ऑर्गेनिक कॉन्टेंट को देखने की उम्मीद करते हैं. लक्ष्य ऐसे ऐड बनाना है जो बाधा डालने के बजाय जाने-माने महसूस हों, ताकि वे यूज़र के अनुभव में सहज रूप से इंटीग्रेट हों और इसके साथ-साथ ब्रैंड का मैसेज भी डिलीवर करें.

प्लेटफ़ॉर्म इंटीग्रेशन

नेटिव ऐड उन जगहों में फ़िट होते हैं जहाँ यूज़र आम तौर पर सामान्य कॉन्टेंट देखने की उम्मीद करते हैं. जैसे, सोशल फ़ीड, आर्टिकल या सुझाई गई प्रोडक्ट की लिस्ट. इन जाने-मने माहौल में मिक्स होकर, ये ऐड ब्राउज़िंग अनुभव का हिस्सा बन जाते हैं.

प्लेसमेंट और ऑडियंस टार्गेटिंग

एडवरटाइज़र, ऑडियंस के व्यवहार से जुड़े इनसाइट का इस्तेमाल करके नेटिव ऐड को रणनीतिक रूप से वहाँ दिखाते हैं जहाँ उनके साथ एंगेज होने की सबसे ज़्यादा संभावना होती है. इससे, ब्रैंड को अपने आइडियल कस्टमर तक पहुँचने में मदद मिलती है.

लेबलिंग और डिस्क्लोज़र

डिस्क्लोज़र ज़रूरी होता है, ताकि यूज़र जान सकें कि कॉन्टेंट के लिए भुगतान कब किया गया है. “ऐड,” “स्पॉन्सर्ड कॉन्टेंट” या “प्रमोटेड लिस्टिंग” जैसी हेडलाइन और टैग पारदर्शिता बनाए रखने और नियमों का पालन करने में मदद करते हैं.

नेटिव ऐड के प्रकार

नेटिव ऐड कई प्रकार के होते हैं. इन सबका अपना स्टाइल और प्लेसमेंट होता है. यहाँ कुछ सामान्य उदाहरण दिए गए हैं:

स्पॉन्सर्ड कॉन्टेंट

स्पॉन्सर्ड कॉन्टेंट ऐसा पेड कॉन्टेंट होता है, जिसे पब्लिशर की साइट पर मौजूद एडिटोरियल आर्टिकल, वीडियो या ग्राफ़िक जैसा दिखने और महसूस होने के लिए बनाया जाता है. ब्रैंड अक्सर अपनी कहानी, प्रोडक्ट या मैसेज शेयर करने के लिए पब्लिशर के साथ पार्टनरशिप करते हैं.

इन-फ़ीड ऐड

ये ऐसे ऐड होते हैं जिन्हें सीधे यूज़र के न्यूज़ फ़ीड, सोशल मीडिया टाइमलाइन या कॉन्टेंट स्ट्रीम में दिखाया जाता है. साथ ही, ये ऑर्गेनिक पोस्ट या आर्टिकल के साथ दिखाई देते हैं.

पेमेंट वाले सर्च ऐड

नेटिव पेमेंट वाले सर्च ऐड, शॉपिंग रिज़ल्ट में दिखाई देते हैं और इन्हें ऑर्गेनिक सर्च लिस्टिंग जैसा दिखने के लिए डिज़ाइन किया जाता है, लेकिन इन्हें साफ़ तौर पर स्पॉन्सर्ड के रूप में मार्क किया जाता है.

सुझाव वाले विजेट

सुझाव वाले विजेट, लिस्ट के भीतर प्रमोट किया गया कॉन्टेंट या प्रोडक्ट दिखाते हैं. जैसे. वेबसाइट पर “शायद आपको भी यह पसंद आए” सेक्शन.

प्रमोट की गई लिस्टिंग

प्रमोट की गई लिस्टिंग, प्रोडक्ट या सर्विस को शॉपिंग या रिव्यू साइट के टॉप पर दिखाने में मदद करती हैं. ये सामान्य नतीजे जैसी दिखती हैं, लेकिन ऐड के रूप में लेबल की जाती हैं.

नेटिव ऐड यूनिट

कस्टम नेटिव ऐड यूनिट इमेज, हेडलाइन और टेक्स्ट का इस्तेमाल करके साइट के लेआउट के साथ मिक्स हो जाते हैं और आम तौर पर सोफ़िस्टिकेटेड ऐड प्लेटफ़ॉर्म से पॉवर्ड होते हैं.

नेटिव एडवरटाइज़िंग के फ़ायदे

नेटिव एडवरटाइज़िंग उन ब्रैंड के लिए कई फ़ायदे ऑफ़र करती है जो असर डालना चाहते हैं:

यूज़र का बेहतर अनुभव

नेटिव ऐड, बैनर ऐड की तरह ब्राउज़िंग में बाधा नहीं डालते हैं. आसपास मौजूद कॉन्टेंट से उनका मैच, इंटरैक्शन बढ़ाने में मदद कर सकता है और यूज़र अनुभव बेहतर करता है.

ज़्यादा एंगेजमेंट रेट

नेटिव ऐड, पारंपरिक डिस्प्ले ऐड की तुलना में ज़्यादा क्लिक-थ्रू रेट दे सकते हैं, क्योंकि उनका फ़ॉर्मेट यूज़र को पेड कॉन्टेंट के साथ स्वाभिक रूप से क्लिक करने और इंटरैक्ट करने के लिए प्रोत्साहित करता है.

ऐड से ऊब जाने और ऐड ब्लाइंडनेस से लड़ना

बहुत ज़्यादा एक्सपोज़र और फ़्रीक्वेंसी कैप जैसे उपाय न होने पर, यूज़र में ऐड ब्लाइंडनेस बन सकती है और वे पारंपरिक डिस्प्ले ऐड को स्किप करने लगते हैं. हालाँकि, नेटिव ऐड का संदर्भ के मुताबिक़ सम्बंधित स्वभाव इस समस्या से बचने में मदद करता है और ध्यान बनाए रखता है.

स्केलेबिलिटी

नेटिव ऐड एक साथ कई अलग-अलग साइट और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर दिख सकते हैं. इससे कैम्पेन को स्केल करना और टार्गेट ऑडियंस तक पहुँचने के मक़सद से बेहतरीन जगहों को खोजने के लिए एनालिटिक्स का इस्तेमाल करना आसान हो जाता है.

अलग-अलग तरह के ऐड फ़ॉर्मेट

कई तरह के नेटिव ऐड होते हैं, जैसे, स्पॉन्सर्ड कॉन्टेंट, प्रमोटेड लिस्टिंग और सुझाव वाले विजेट. यह अलग-अलग तरह के ऐड, ऑप्टिमाइज़ेशन में मदद करते हैं और ब्रैंड को अलग-अलग तरीक़े से लोगों तक पहुँचने की सुविधा देते हैं.

ब्रैंड की विज़िबिलिटी बढ़ाता है

जब नेटिव ऐड आस-पास मौजूद कॉन्टेंट के बीच दिखाई देते हैं, तो ज़्यादा लोगों द्वारा ब्रैंड और मैसेज देखे जाने की संभावना होती है. यह ब्रैंड के बारे में जागरूकता फैलाने में मदद करता है और ऑडियंस के लिए ब्रैंड को टॉप ऑफ़ माइंड बनाए रखता है.

टार्गेट ऑडियंस तक पहुँचता है

ब्रैंड, एनालिटिक्स और ऑडियंस टार्गेटिंग का इस्तेमाल करके यह पक्का कर सकते हैं कि नेटिव ऐड उन लोगों को दिखें जिनकी उनमें सबसे ज़्यादा दिलचस्पी है. इससे ब्रैंड को सही ऑडियंस तक पहुँचने के दौरान कम ख़र्च करने में मदद मिल सकती है.

नेटिव एडवरटाइज़िंग से जुड़े जोखिम

नेटिव एडवरटाइज़िंग से जुड़े संभावित जोखिम को समझना और समस्याओं से बचने के तरीक़े प्लान करना ज़रूरी है.

मुश्किल मेजरमेंट

नेटिव ऐड को ट्रैक करना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि वे सामान्य कॉन्टेंट की तरह दिखते हैं. ब्रैंड को यह समझने के लिए कि कौन-से ऐड काम करते हैं और उन्हें कैसे बेहतर बनाया जाए, मज़बूत एनालिटिक्स और ऑप्टिमाइज़ेशन की ज़रूरत होती है.

धोखा देना

अगर नेटिव ऐड पर लेबल न हो या डिस्क्लोज़र साफ़ न हो, तो यूज़र ख़ुद को धोखा दिया हुआ महसूस कर सकते हैं. इससे ब्रैंड पर भरोसा और उसकी प्रतिष्ठा को नुक़सान पहुँच सकता है. यूज़र को यह समझने में मदद करने के लिए कि कौन-सा कॉन्टेंट पेड है, हमेशा हेडलाइन और साफ़ लेबलिंग का इस्तेमाल करें.

प्लेसमेंट पर सीमित कंट्रोल

कुछ नेटिव ऐड के साथ ब्रैंड हमेशा यह सटीक रूप से तय नहीं कर पाते हैं कि ऐड कहाँ दिखाई देंगे. ऑप्टिमाइज़ेशन का इस्तेमाल करने से मदद मिलती है, लेकिन आस-पास मौजूद कॉन्टेंट में ऐड के बिल्कुल सही जगह पर नहीं होने से कुछ जोखिम हमेशा बना रहता है.

बनाने की लागत

नेटिव ऐड बनाने में अक्सर बैनर ऐड की तुलना में ज़्यादा समय और रिसोर्स लगते हैं. मजबूत डिज़ाइन, एनालिटिक्स और ऑप्टिमाइज़ेशन की ज़रूरत होती है, लेकिन इसके बदले ज़्यादा एंगेजमेंट और बेहतर नतीजे मिल सकते हैं.

नेटिव एडवरटाइज़िंग के लिए बेहतरीन तरीक़े

नेटिव एडवरटाइज़िंग के साथ सफलता हासिल करने के लिए, मार्केटर को नीचे दिए गए बेहतरीन तरीक़े पर ध्यान देना चाहिए:

1. अपनी टार्गेट ऑडियंस को जानना

अपनी ऑडियंस की प्राथमिकताओं और व्यवहार को समझने से आपके नेटिव ऐड को ज़रूरत के हिसाब से तैयार करने में मदद मिलेगी.

2. बेहतरीन क्वालिटी वाला कॉन्टेंट बनाना

नेटिव ऐड का कॉन्टेंट एंगेजिंग, जानकारी वाला और आपकी ऑडियंस की दिलचस्पियों के हिसाब से होना चाहिए.

3. स्पष्ट डिस्क्लोज़र

पारदर्शिता ज़रूरी है. अपने स्पॉन्सर्ड कॉन्टेंट की प्रकृति के बारे में स्पष्ट रहें; इससे विश्वास बढ़ता है और अपनी ऑडियंस को गुमराह करने से बचा जाता है.

4. परफ़ॉर्मेंस के लिए ऑप्टिमाइज़ करना

अपने नेटिव ऐड कैम्पेन के परफ़ॉर्मेंस को मॉनिटर करने के लिए एनालिटिक्स टूल का इस्तेमाल करें. बेहतर नतीजों के मक़सद से ऑप्टिमाइज़ करने के लिए, समय-समय पर क्लिक-थ्रू रेट और अन्य मेट्रिक का आकलन करें.

नेटिव एडवरटाइज़िंग के उदाहरण

केस स्टडी

Honda ने Amazon Ads Brand Innovation Lab के साथ पार्टनरशिप की, ताकि Honda ड्रीम जनरेटर के ज़रिए 2024 Honda Prologue लॉन्च किया जा सके. यह Amazon.com होमपेज टेकओवर में दिखाया गया AI-पॉवर्ड इंटरैक्टिव टूल था. इस कैम्पेन ने ऑडियंस को Fire TV, मोबाइल फ़ोन, Echo Show और कंप्यूटर समेत कई डिवाइस पर पर्सनलाइज़्ड, अपनी ख़ुद की एडवेंचर फ़िल्में बनाने की सुविधा दी, जिसमें 190 से ज़्यादा अलग-अलग तरह की यूनीक स्टोरी ऑफ़र की गई. यह क्रिएटिव अप्रोच 300 से ज़्यादा लिखे गए प्रॉम्प्ट, 20 से ज़्यादा कस्टम AI मॉडल और 457 हाथ से तैयार किए गए आंकड़ों को मिलाकर व्यापक ऑडियंस एंगेजमेंट को आगे बढ़ाता है. साथ ही, इस बात की पुष्टि करता है कि कस्टमर ऐसे ज़्यादा पर्सनलाइज़्ड एडवरटाइज़िंग एक्सपीरिएंस में हिस्सा लेने के मौक़े चाहते हैं, जिन्हें वे ख़ुद आकार देने में मदद कर सकें. इस कैम्पेन ने सभी अहम मेट्रिक में अहम बढ़ोतरी हासिल की, जिसमें बिना मदद के ब्रैंड के बारे में जागरूकता और ख़रीदारी पर विचार शामिल है. इसके साथ-साथ Prologue को परिवार और पर्यावरण के अनुकूल मानने वाली सोच में बढ़ोतरी देखी.

ड्रीम जनरेटर

केस स्टडी

Taco Bell भारत ने अक्टूबर–नवंबर 2022 में ICC पुरुषों के T20 विश्व कप के दौरान “सी अ सिक्स, कैच अ टैको” कैम्पेन लॉन्च किया, जिसमें मैच के दिनों में क्रिकेट देखने वाली ऑडियंस तक पहुँचने के लिए Fire TV ऐड का इस्तेमाल किया गया. ब्रैंड ने फ़ीचर रोटेटर ऐड स्लॉट का इस्तेमाल किया, जो ज़्यादा असरदार प्लेसमेंट है और व्यूअर के TV चालू करते ही सबसे पहले दिखाई देता है, ताकि क्रिकेट कॉन्टेंट के साथ इंटरैक्शन से पहले पॉइंट पर ऑडियंस को एंगेज किया जा सके. इस प्रीमियम प्लेसमेंट के ज़रिए, क्रिकेट से जुड़ी टॉपिकल मैसेजिंग के साथ मिलकर, यह कैम्पेन देखने के अनुभव में स्वाभिक रूप से मिल गया, जबकि ऑडियंस स्पोर्ट के साथ सबसे ज़्यादा एंगेज थी. दो दिन के इस कैम्पेन ने 12 मिलियन इम्प्रेशन जनरेट किए, जिनमें Fire TV बेंचमार्क को पार करते हुए पूरा वीडियो देखने का रेट 55% से ज़्यादा रहा. इसके साथ-साथ टार्गेट ऑडियंस के बीच टॉप-ऑफ़-द-फ़नल जागरूकता फैलाई गई.

Taco

Amazon Ads के सोल्यूशन

Amazon Ads नेटिव एडवरटाइज़िंग सोल्यूशन की रेंज ऑफ़र करता है, जो ब्रैंड को Amazon प्रॉपर्टी, डिवाइस और प्रीमियम थर्ड-पार्टी कॉन्टेंट पर ऑडियंस तक पहुँचने में मदद करते हैं.

डिस्प्ले ऐड से आपके ब्रैंड को Twitch जैसी Amazon की प्रॉपर्टी के कस्टमर और Fire TV और Echo Show जैसे डिवाइस के साथ-साथ प्रीमियम थर्ड-पार्टी कॉन्टेंट से भी जुड़ने में मदद मिलती है. सही क्रिएटिव के साथ, ये ऐड आसपास मौजूद कॉन्टेंट में स्वाभिक रूप से इंटीग्रेट हो सकते हैं और Amazon Ads रिस्पॉन्सिव ई-कॉमर्स क्रिएटिव (REC) डिस्प्ले परफ़ॉर्मेंस के आधार पर प्रोडक्ट और कॉल-टू-ऐक्शन को अपने-आप रोटेट करने के लिए क्रिएटिव को ऑप्टिमाइज़ करके इसे और आगे ले जा सकते हैं.

डिवाइस ऐड, Amazon डिवाइस पर स्क्रीन (जैसे, Fire TV, Fire टैबलेट और Echo Show) और सर्विस (जैसे, Prime Video) के साथ चलते हैं. ये ऐड ज़्यादा असरदार, इमर्सिव और पहले से इंटीग्रेट किए गए ऐड एक्सपीरिएंस डिलीवर करते हैं, जिससे कस्टमर के लिए एंगेज होना और ऐक्शन लेना आसान हो जाता है.

Fire TV ऐड ब्रैंड को कस्टमर के साथ तब एंगेज होने में मदद करते हैं, जब वे स्ट्रीमिंग मनोरंजन को ब्राउज़ करते हैं और उसे खोज रहे होते हैं. ये ऐड Fire TV पर डेडिकेटेड लाइन में स्पॉन्सर्ड टाइल के रूप में दिखाई देते हैं और इनलाइन बैनर, फ़ीचर रोटेटर, स्पॉन्सर्ड स्क्रीनसेवर और स्पॉन्सर्ड टाइल जैसे फ़ॉर्मेट के साथ इंटरफ़ेस में स्वाभिक रूप से मिल जाते हैं, जो डिवाइस के ब्राउज़िंग अनुभव से मैच करते हैं.

हमारे इस क्विक असेसमेंट के साथ एडवरटाइज़िंग की सफलता में अपना रास्ता खोजें. हम आपके लक्ष्यों के हिसाब से क्यूरेट किए गए सोल्यूशन, गाइड और उदाहरण देंगे.

Amazon Ads के फ़ीचर

Amazon DSP पर उपलब्ध एसेट आधारित क्रिएटिव (ABC) एडवरटाइज़र को अपने ही ऐड कॉम्पोनेंट जैसे इमेज, लोगो, हेडलाइन, बॉडी टेक्स्ट और कॉल-टू-ऐक्शन (CTA) का इस्तेमाल करने की सुविधा देती है, ताकि TripleLift जैसे थर्ड-पार्टी सप्लाई साइड प्लेटफ़ॉर्म (SSP) के ज़रिए नेटिव ऐड दिखाए जा सकें.

रिस्पॉन्सिव ई-कॉमर्स क्रिएटिव (REC) एंडेमिक एडवरटाइज़र को थर्ड-पार्टी नेटिव सप्लाई, जैसे TripleLift पर अपने प्रोडक्ट प्रमोट करने की सुविधा देता है. शुरू करने के लिए, बस अपने प्रोडक्ट के ASIN जोड़ें. REC आपकी टार्गेट ऑडियंस के लिए सबसे अच्छा ASIN चुनने के लिए ऑप्टिमाइज़ करेगा. इसके बाद, यह इन-फ़ीड स्थानीय एडवरटाइज़िंग के लिए थर्ड-पार्टी के सप्लाई सोर्स को चुने गए ASIN के लाइव एलिमेंट को डिलीवर करेगा. जैसे, प्राइसिंग, डील और स्टार रेटिंग.

Alexa नेटिव ऐड, Amazon DSP में Amazon Mobile डिस्प्ले सप्लाई सोर्स के रूप में Alexa को ऑफ़र करता है. Amazon पर बेचने वाले एडवरटाइज़र Alexa को अतिरिक्त इन्वेंट्री सप्लाई के रूप में देखेंगे, जिसे Amazon Mobile डिस्प्ले लाइन आइटम के लिए डिफ़ॉल्ट रूप से चेक किया जाता है. रिस्पॉन्सिव ई-कॉमर्स (REC) क्रिएटिव टेम्प्लेट का इस्तेमाल करने वाले Amazon DSP सेल्फ़-सर्विस एडवरटाइज़र के पास इंक्रीमेंटल कस्टमर तक आसानी से पहुँचने का अवसर होगा.

नेटिव ऐड से जुड़ी मुख्य बातें

ब्रैंड के सामने ध्यान की कमी वाले डिजिटल लैंडस्केप में कंज़्यूमर के व्यवहार से जुड़ी मुश्किलें आती हैं, तो नेटिव एडवरटाइज़िंग डायनेमिक सोल्यूशन का प्रतिनिधित्व करती है, जो प्रामाणिक एंगेजमेंट को बढ़ावा देती है. ब्रैंड संदर्भ के मुताबिक़ सम्बंधित कॉन्टेंट के ज़रिए वैल्यू देने पर फ़ोकस करके, इस रणनीति का इस्तेमाल न सिर्फ़ ब्रैंड के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए बल्कि कंज़्यूमर के साथ लंबे-समय के रिश्ते बनाने के लिए भी कर सकते हैं.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Amazon के नेटिव शॉपिंग ऐड क्या थे?

Amazon नेटिव शॉपिंग ऐड, Amazon की ओर से दी जाने वाली नेटिव एडवरटाइज़िंग का प्रकार थे, जिनमें कीवर्ड या कैटेगरी के आधार पर कॉन्टेंट से जुड़ी वेबसाइट या पेज पर सीधे प्रोडक्ट से जुड़े सुझाव दिखाए जाते थे. ये नेटिव ऐड सुझाए गए ऐड, सर्च ऐड और कस्टम ऐड जैसे फ़ॉर्मेट में दिखते थे. साथ ही, ये लिस्ट या ग्रिड व्यू में दिखाए जा सकते थे. वेबसाइट के मालिक विज़िटर क्लिक को मोनेटाइज़ कर सकते हैं और जब यूज़र इन ऐड के ज़रिए प्रोडक्ट ख़रीदते थे तो कमीशन कमा सकते हैं.

Amazon नेटिव शॉपिंग ऐड की जगह किसने ली?

Amazon ने नेटिव शॉपिंग ऐड को नेटिव कॉमर्स एडवरटाइज़िंग (NCA) प्रोग्राम, Amazon DSP में एसेट आधारित क्रिएटिव (ABC) और अन्य एडवांस्ड नेटिव एडवरटाइज़िंग फ़ॉर्मेट जैसे नए सोल्यूशन से बदला है. ये नई ऑफ़रिंग, रिव्यू या सुझाव जैसे प्रोडक्ट-फ़ोकस्ड कॉन्टेंट में नेटिव तौर पर इंटीग्रेट होती हैं, AI-आधारित प्रोडक्ट के सुझाव का इस्तेमाल करती हैं और ब्रैंड और पब्लिशर दोनों के लिए बेहतर ऑप्टिमाइज़ेशन, एनालिटिक्स और मोनेटाइज़ेशन के विकल्प देती हैं.

नेटिव एडवरटाइज़िंग और डिस्प्ले एडवरटाइज़िंग में क्या अंतर है?

नेटिव एडवरटाइज़िंग साइट या ऐप पर आसपास मौजूद कॉन्टेंट में पेड कॉन्टेंट को इस तरह मिलाती है कि उसका लुक, फ़ील और स्टाइल उससे मैच करे, ताकि वह यूज़र को सामान्य लगे और उसका अनुभव बेहतर हो. डिस्प्ले एडवरटाइज़िंग, जैसे बैनर ऐड, आम तौर पर कॉन्टेंट से अलग रहती है, जो अक्सर साइडबार या हेडर जैसे फ़िक्स्ड प्लेसमेंट में दिखाई देती है और ब्राउज़िंग अनुभव में रुकावट डाल सकती है. नेटिव ऐड एंगेजमेंट बढ़ाने और क्लिक-थ्रू रेट बेहतर करने में मदद कर सकते हैं, क्योंकि ये यूज़र अनुभव में बाधा नहीं डालते हैं.

नेटिव एडवरटाइज़िंग की पहचान कैसे की जाती है?

नेटिव एडवरटाइज़िंग की पहचान तब की जा सकती है, जब ऐड आसपास मौजूद कॉन्टेंट की स्टाइल और फ़ॉर्मेट से मैच करता हो, लेकिन उस पर “स्पॉन्सर्ड,” “ऐड” या “प्रमोटेड” जैसे साफ़ लेबल या डिस्क्लोज़र शामिल हों. अगर ऐड ऐसा पेड कॉन्टेंट लगे जो यूज़र अनुभव के साथ सहज रूप से फ़िट होने के लिए डिज़ाइन किया गया हो, तो हो सकता है कि वह नेटिव एडवरटाइज़िंग हो.

नेटिव ऐड की लागत कितनी होती है?

नेटिव एडवरटाइज़िंग की लागत प्लेटफ़ॉर्म, टार्गेटिंग के विकल्प और ऐड के फ़ॉर्मेट जैसे कई फ़ैक्टर पर निर्भर करती है. प्राइसिंग मॉडल में आम तौर पर, प्रति क्लिक पर लागत (CPC), प्रति इम्प्रेशन पर लागत (CPM) या प्रति एक्विज़िशन पर लागत (CPA) शामिल होती है. कभी-कभी नेटिव ऐड को बनाने में बैनर ऐड से ज़्यादा ख़र्चा हो सकता है. ऐसा क्वालिटी कॉन्टेंट, ऑप्टिमाइज़ेशन और एनालिटिक्स की ज़रूरत की वजह से होता है. कुछ प्लेटफ़ॉर्म लागत को ऑप्टिमाइज़ करने और बेहतरीन ROI की टार्गेटिंग करने के लिए, प्रोग्रामेटिक ख़रीदारी भी ऑफ़र करते हैं.

Amazon Ads के डिस्प्ले ऐड प्रति-क्लिक-लागत (CPC) के साथ-साथ प्रति-हज़ार देखने योग्य इम्प्रेशन की लागत (vCPM) की प्राइसिंग के विकल्पों को सपोर्ट करते हैं. इसमें, कैम्पेन के लिए किसी कम से कम ख़र्च की ज़रूरत नहीं होती है. Amazon DSP के ज़रिए चलाए गए डिस्प्ले ऐड की प्राइसिंग, फ़ॉर्मेट और प्लेसमेंट के आधार पर अलग-अलग होती है. सेल्फ़-सर्विस कस्टमर का अपने कैम्पेन पर पूरा कंट्रोल होता है और इसकी कोई मैनेजमेंट फ़ीस नहीं होती है. मैनेज्ड-सर्विस विकल्प के लिए, आम तौर पर कम से कम $50,000 (कम से कम ख़र्च हर देश के हिसाब से अलग-अलग हो सकता है) ख़र्च करने की ज़रूरत होती है. स्थानीय डिस्प्ले ऐड, शेयर ऑफ़ वॉइस (SOV), रोटेशनल मीडिया और नीलामी, जैसे CPM, CPC और लागत प्रति ऐक्शन को सपोर्ट करते हैं.

नेटिव ऐड किस तरह दिखते हैं?

नेटिव ऐड, प्रकार के हिसाब से अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन आम तौर पर वे प्लेटफ़ॉर्म पर मौजूद सामान्य कॉन्टेंट जैसे ही दिखते हैं. उदाहरण के लिए, ऐड सोशल मीडिया पर ब्रैंड हेडलाइन और इमेज के साथ इन-फ़ीड पोस्ट के रूप में दिखाई दे सकते हैं. वेबसाइट पर, ये स्पॉन्सर्ड कॉन्टेंट आर्टिकल, सुझाए गए प्रोडक्ट ग्रिड या प्रमोटेड लिस्टिंग के रूप में दिख सकते हैं, जिनमें प्रोडक्ट इमेज, यूज़र रिव्यू और क़ीमत शामिल होती हैं. इनमें हमेशा साफ़ डिस्क्लोज़र लेबल शामिल होते हैं, ताकि पेमेंट किए गए कॉन्टेंट को ऑर्गेनिक कॉन्टेंट से अलग किया जा सके.

अतिरिक्त रिसोर्स

सोर्स

1 Environics Research के साथ Amazon Ads की कस्टम रिसर्च. 2025 हायर इम्पैक्ट. दिसंबर 2024 में सर्वेक्षण किया गया. यह डेटा (CA), (UK), और (US) के मिले हुए आंकड़ों को दिखाता है. सर्वे में शामिल देशों के अनुसार जवाब देने वाले: कनाडा: 1,042, यूनाइटेड किंगडम: 1,036, संयुक्त राज्य अमेरिका: 1,033. कुल n=3,111. पिछले साल के मुक़ाबले की तुलना में अलग-अलग इलाकों के लोगों के जवाबों में बदलाव दिखता है, क्योंकि 2023 में CA, DE, FR, IT, ES, JP, UK और US में सर्वे किया गया था. 2024 में कनाडा, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका के लोगों का सर्वे किया गया.