गाइड

ब्रैंड रणनीति क्या है? पूरी गाइड

परिभाषा, अहमियत और उदाहरण

ब्रैंड रणनीति चौतरफ़ा मार्केटिंग अप्रोच है जिसका इस्तेमाल बिज़नेस ब्रैंड के बारे में जागरूकता फैलाने और कस्टमर तक पहुँचने और उनसे जुड़ने के लिए किया जाता है. इसमें ब्रैंड की वॉइस, स्टोरीटेलिंग, मिशन, वैल्यू और मैसेजिंग तक सब कुछ शामिल है. सफल ब्रैंड रणनीति, ब्रैंड को बिज़नेस के लक्ष्य तय करने और कंज़्यूमर से जुड़ने का प्लान तैयार करने में मदद करती है.

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ब्रैंड रणनीति क्या है?

ब्रैंड रणनीति वह प्लान है जिसकी मदद से कोई बिज़नेस, कंज़्यूमर को अपने ब्रैंड के बारे में बताता है और उनके सामने अपनी अच्छी छवि पेश करता है. एक चौतरफ़ा ब्रैंड रणनीति में ये सभी चीज़ें शामिल होती हैं: कहानी सुनाना, अपीयरेंस, वैल्यू और मिशन के बारे में बताना, वग़ैरह. ऐसी ब्रैंड रणनीति की मदद से बिज़नेस, कंज़्यूमर को अपने वादों के बारे में बताते हैं. सफल ब्रैंड रणनीति, बिज़नेस को अपनी यूनीक और यादगार पहचान बनाकर कंज़्यूमर से जुड़ने में मदद करती है.

ब्रैंड रणनीति क्यों ज़रूरी है?

लोगो, नाम और क्रिएटिव एलिमेंट के अलावा, ब्रैंड रणनीति किसी बिज़नेस के लिए लंबे समय तक चलने वाला प्लान है जिससे बिज़नेस अपने मक़सद के बारे में बता सकता है. ब्रैंड रणनीति ज़रूरी है, क्योंकि यह ब्रैंड के बारे में जागरूकता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए, बिज़नेस को अलग दिखने और कंज़्यूमर से जुड़ने में मदद करती है. ब्रैंड रणनीति की मदद से, बिज़नेस अपनी पहचान बना सकता है, अपनी कहानी शेयर कर सकता है और अपनी वैल्यू दिखा सकता है. कंज़्यूमर के लिए ब्रैंड की वैल्यू ज़रूरी है. Amazon Ads और Environics Research के हाल ही के सर्वे के अनुसार, 79% कंज़्यूमर का कहना है कि वे उन ब्रैंड से प्रोडक्ट या सर्विस ख़रीदना ज़्यादा पसंद करते हैं जिनकी वैल्यू उनकी सोच के हिसाब से हों.

ब्रैंड रणनीति की मूल बातें क्या हैं?

किसी बिज़नेस के बारे में बताने के लिए ब्रैंड लोगो, नाम और उसे दिखाने का तरीक़ा ज़रूरी होता है. हालाँकि, ब्रैंड रणनीति इस विज़ुअल क्रिएटिव के दायरे से आगे बढ़कर, ब्रैंड की सोच के हिसाब से काम करती है. सफल ब्रैंड रणनीति के एलिमेंट में इन बातों पर अच्छे से विचार करना शामिल है कि ब्रैंड को कौन-सी चीज़ें दूसरों से अलग बनाती हैं और कंज़्यूमर को कौन-सी कहानी सुनाई जाती है. इनमें शामिल हैं:

  • उद्देश्य
  • मिशन
  • पहचान
  • वैल्यू
  • वॉइस
  • कहानी
  • यूनीक दिखाने वाली चीज़
  • इमोशन
  • विज़ुअल तरीक़े से और लिखकर बताना

ब्रैंड रणनीति का फ़्रेमवर्क

अपनी ब्रैंड रणनीति के लिए फ़्रेमवर्क तैयार करते समय, कुछ सवालों को ध्यान में रखकर शुरुआत करें, उदाहरण के लिए:

मेरा ब्रैंड की सोच क्या है?

  • हम कौन हैं और हम कंज़्यूमर के साथ कैसे बातचीत करते हैं?
  • हमारे ब्रैंड को अलग क्या बनाता है? ऐसा क्या है जो हमें यूनीक बनाता है?
  • हमारे ब्रैंड को यह प्रोडक्ट बनाने की प्रेरणा कहाँ से मिलती है और हमारे कंज़्यूमर को किस बात से यह प्रोडक्ट ख़रीदने की प्रेरणा मिलती है?
  • हम अपने कंज़्यूमर के साथ कैसे और कहाँ एंगेज होना चाहते हैं?
  • हम अपने ब्रैंड के बारे में क्या कहानी बताना चाहते हैं?
  • हमारी ब्रैंड वैल्यू क्या हैं और वे हमारे कंज़्यूमर के लिए भी क्यों ज़रूरी हैं?

आप ब्रैंड रणनीति किस तरह बनाते हैं?

एक सफल ब्रैंड रणनीति बनाना मार्केटिंग पेशेवरों के लिए ज़रूरी काम है. इससे उन्हें मार्केट में मज़बूत और स्थायी जगह बनाने में मदद मिलेगी. ब्रैंड रणनीति बनाने के लिए इन पाँच स्टेप को फ़ॉलो करें: 1) अपने ब्रैंड के बारे में बताना, 2) अपनी ऑडियंस को समझना, 3) अपने ब्रैंड का विज़ुअल स्टाइल बनाना, 4) अपनी ब्रैंड की कहानी बताना और 5) हमेशा काम करते रहना और बैलेंस बनाने के लिए तैयार रहना. इन स्टेप को फ़ॉलो करके, मार्केटिंग प्रोफ़ेशनल को अपने ब्रैंड के लिए पहचान, कस्टमर की विश्वसनीयता, ब्रैंड पर विश्वास और लंबे समय तक रहने वाली सफलता मिल सकती है.

स्टेप 1. अपने ब्रैंड के बारे में बताएँ

आपके ब्रैंड विज़न में उन विचारों और प्रेरणा को हाइलाइट किया जाना चाहिए जिनकी वजह से आपका ब्रैंड लॉन्च हुआ था. एक मज़बूत विज़न से, कस्टमर आपके ब्रैंड के उन मुख्य पॉइंट के बारे में जान पाएंगे जो दूसरे ब्रैंड से अलग हैं और कस्टमर के साथ एक निजी और इमोशनल कनेक्शन बनाने में मदद मिलेगी. इससे आपकी बिज़नेस रणनीति के बारे में पता लगना चाहिए. साथ ही, जैसे-जैसे आप अपने ब्रैंड को आगे बढ़ाएं, यह विज़न आपके और आपके कर्मचारियों के लिए एक प्रेरणा के बिंदु के रूप में काम करना चाहिए.

मिशन स्टेटमेंट, ब्रैंड विज़न से अलग होता है. इसमें आपके बिज़नेस के लक्ष्यों और उद्देश्यों के बारे में बताना चाहिए. साथ ही, उन उद्देश्यों को पूरा करने के लिए आप जो तरीक़ा अपनाएँगे या जो कदम उठाएँगे उनके बारे में भी इसमें बताना होगा. इसे कस्टमर को ध्यान में रखकर लिखा जाना चाहिए, ताकि ऑडियंस समझ सकें कि यह किस तरह उनकी ज़रूरतें और इच्छाएँ पूरी करता है. साथ ही, आपका ब्रैंड किस तरह उन्हें सबसे अच्छी सर्विस दे सकता है.

स्टेप 2. अपनी ऑडियंस को समझें

अपनी ब्रैंड रणनीति तैयार करते समय, आपको कस्टमर बेस की ज़रूरतों को अच्छे से समझना चाहिए. साथ ही, अपने ब्रैंड और प्रोडक्ट के साथ नए कस्टमर तक पहुँचने के तरीक़े खोजने चाहिए. बिना सोचे-समझे कोई नया प्रोडक्ट या कॉन्टेंट बनाने से पहले, बाज़ार में मौजूद अलग-अलग ऑफ़र पर रिसर्च करना भी ज़रूरी है, ताकि यह पक्का किया जा सके कि आपका ब्रैंड किसी ऐसी चीज़ पर अपना क़ीमती समय या रिसोर्स बर्बाद नहीं कर रहा हो, जिसे कस्टमर नहीं चाहते हैं.

आपको यह समझना ज़रूरी है कि आपकी ऑडियंस कौन है और उनकी ज़रूरतें क्या हैं. इसकी मदद से, आप उनकी ख़ास ज़रूरतों को पूरा करने के लिए, उनके हिसाब से अपना ब्रैंड एक्सपीरिएंस तैयार कर पाएँगे.

स्टेप 3. अपने ब्रैंड का विज़ुअल स्टाइल बनाना

विज़ुअल स्टाइल गाइड रेफ़रेंस डॉक्यूमेंट है, जो आपके ब्रैंड से जुड़े सभी विज़ुअल एलिमेंट के बारे में बताता है. इससे, आपके द्वारा बनाए गए किसी भी मार्केटिंग कोलैट्रल या ऐड में कंसिस्टेंसी बनी रहती है. इस तरह, कंसिस्टेंसी बनाए रखने से, आपको अपने बिज़नेस की ऐसी इमेज और ब्रैंड अनुभव बनाने में मदद मिल सकती है, जिससे कस्टमर अन्य ब्रैंड के मुक़ाबले आपके ब्रैंड को आसानी से पहचान सकें.

फ़ॉन्ट के टाइप से इस बात पर असर पड़ सकता है कि आपके ब्रैंड को कस्टमर किस तरह देखेंगे. अपने ब्रैंड के मैसेज को दिखाने के लिए सबसे अच्छा फ़ॉन्ट चुनते समय, अपनी कंपनी की वैल्यू और मिशन पर विचार करें कि आप कस्टमर में विश्वास और सुरक्षा की भावना लाना चाहते हैं या मस्ती और उत्साह की.

विज़ुअल एसेट का इस्तेमाल, ख़रीदार और सभी ऑनलाइन टच पॉइंट पर आपके ब्रैंड की एक झलक दिखाने के लिए किया जा सकता है. साथ ही, इसका इस्तेमाल आपके ब्रैंड की एंगेजमेंट और आपके प्रोडक्ट की बिक्री बढ़ाने में मदद के लिए किया जा सकता है. फिर से, इन एसेट को बनाते समय उन भावनाओं पर विचार करें जिन्हें आप कस्टमर में पैदा करना चाहते हैं.

आपके ब्रैंड को दिखाने के लिए आपके द्वारा चुने गए रंग का भी एक मतलब निकलता है और इसका असर कस्टमर के ख़रीदारी करने के फ़ैसले पर पड़ सकता है. अपने ब्रैंड के लिए रंग चुनते समय सिर्फ़ तीन या चार विकल्पों के साथ शुरू करें. इन्हें इस आधार पर चुनें कि आप कस्टमर को आपका ब्रैंड देखते समय क्या महसूस कराना चाहते हैं या आप उन पर क्या इम्प्रेशन डालना चाहते हैं.

स्टेप 4. अपने ब्रैंड की कहानी बताएँ

कस्टमर से जुड़ने के लिए यह ज़रूरी है कि हर ब्रैंड रणनीति एक अच्छी कहानी बताए. वह कहानी वेबसाइट, एडवरटाइज़िंग या सोशल मीडिया में से किसी के भी ज़रिए बताई जा सकती है.

कंज़्यूमर समझदार और सामाजिक सोच वाले होते हैं. वे ब्रैंड के वादों पर और उन वादों को पूरा करने के लिए उनकी ओर से किए जा रहे कामों, दोनों पर ग़ौर करते हैं. कस्टमर की विश्वसनीयता कायम करने का मतलब यह है कि आप अपने ब्रैंड के वायदे पर खरे उतरते हैं. टेक्नोलॉजी ने सभी बाधाओं को तोड़ दिया है और दुनिया भर के लोगों को जोड़ा है, जिससे कंज़्यूमर को ग्लोबल लेवल पर और ज़्यादा जानकारी मिल रही है. उन्हें जलवायु में हो रहे बदलावों का असर दिख रहा है, इसलिए वे अपनी आदतों और ख़रीदारी करने के तरीक़ों को बदलने के बारे में नए सिरे से सोच रहे हैं. सबके लिए समान अधिकारों वाला समाज बनाने की उम्मीद में कई कंज़्यूमर, सामाजिक न्याय के लिए चल रहे आंदोलनों को सपोर्ट कर रहे हैं.

कंज़्यूमर यह भी जानते हैं कि ब्रैंड का असर यूनीक होता है और अक्सर यह असर बड़े पैमाने पर पड़ता है. इस तरह, वे सभी ब्रैंड से उम्मीद करते हैं कि वे इस दिशा में और ज़्यादा काम करेंगे. दुनिया भर के कई कंज़्यूमर, ब्रैंड से पहले से ज़्यादा सहानुभूति और मानवता की उम्मीद कर रहे हैं. साथ ही, वे उनसे मुनाफ़े और समाज में कारगर योगदान के बीच संतुलन बनाने के लिए भी कह रहे हैं.

कस्टमर से सही समय पर वैल्यू-आधारित मैसेजिंग के साथ-साथ प्रोडक्ट मैसेजिंग के हिसाब से बातचीत कर पाने से उनके साथ तालमेल कायम करने में मदद मिलती है. नतीजे के तौर पर, ब्रैंड एंगेजमेंट के ज़रिए ब्रैंड पर भरोसा बढ़ाने में और कंज़्यूमर के साथ सीधे रिलेशन क़ायम करने में मदद मिल सकती है. इससे, ब्रैंड पसंद और ब्रैंड की विश्वसनीयता बढ़ सकती है.

स्टेप 5. हमेशा काम करते रहें और बैलेंस बनाने के लिए तैयार रहें

ब्रैंड को हमेशा अपने कस्टमर के हिसाब से आगे बढ़ना चाहिए, इस दौरान उसे कस्टमर के फ़ीडबैक पर पूरा ध्यान देना चाहिए. यह दिखाता है कि कस्टमर के प्रति प्रतिबद्ध रहने से आपको आगे बढ़त मिल सकती है. ब्रैंड रणनीति के असर को नियमित रूप से मापें और ज़रूरत के हिसाब से उसमें बदलाव करें. कस्टमर फ़ीडबैक और ब्रैंड मेट्रिक का इस्तेमाल करके, आपको यह जानने में मदद मिल सकती है कि किन जगहों पर सुधार करने संभावना है. मार्केट के ट्रेंड और ब्रैंड की कहानी बताने के नए तरीक़ों पर नज़र रखें, ताकि यह पक्का हो कि आपका ब्रैंड लोगों के लिए उपयोगी और एंगेजिंग बना रहे.

ब्रैंड रणनीति के उदाहरण

ब्लॉग

एक माँ, अपनी बेटी के जैसी दिखने वाली गुड़िया सर्च कर रही थी, जिसका नतीजा Orijin Bees के रूप में सामने आया

अपनी बेटी की तरह दिखने वाली गुड़िया की अपनी तलाश से प्रेरित होकर, मेलिसा ओरिजिन ने 2018 में टॉय ब्रैंड Orijin Bees को लॉन्च किया. तब से, Orijin Bees टॉय कंपनी के रूप में आगे बढ़ी और उसने पूरे अमेरिका में कंज़्यूमर को प्रेरित किया. उनका ब्रैंड, Orijin Bees, अलग-अलग संस्कृति के हिसाब से, अलग-अलग रंगों और हेयर टेक्सचर वाली गुड़िया बनाता है. इसे Forbes, ओपरा की ‘फ़ेवरेट थिंग्स’ और Amazon के Toys We Love वाले सेक्शन में हाइलाइट किया गया है. साथ ही, इसे मशहूर हस्तियों ने भी हाइलाइट किया है. Amazon के Black Business Accelerator की मदद से, ओरिजिन की अपनी बेटी को प्रोत्साहित करने की इच्छा ने टॉय इंडस्ट्री में नए रास्ते बनाए.

Orijin Bees