तेज़ मार्केटिंग क्यों मायने रखती है और इनसाइट और क्रिएटिव में इंटरसेक्शन क्यों है

28 जुलाई 2021 | लेखक: ब्रेंडन फ़्लैहर्टी, लेखक, ब्रैंड कॉन्टेंट

माय बेस्ट एडवाइस,’ एक सीरीज़ है. इसमें एडवरटाइज़िंग एक्सपर्ट अपने करियर के दौरान सीखी गई मुख्य लर्निंग शेयर करते हैं. इसके साथ ही, वे ख़ुद को मिली सबसे बेहतरीन सलाह और इनसाइट भी शेयर करते हैं जिससे अन्य लोगों को अपने ब्रैंड और बिज़नेस को आगे बढ़ाने में मदद मिले.

iProspect की ग्लोबल प्रेसिडेंट अमांडा मॉरिससी की मेमोरी फोटोग्राफ़िक है. उन्होंने हाल ही में UK में अपने घर से एक कॉल के दौरान कहा, “मैं स्वाभाविक रूप से चीज़ों को हर तरीक़े से देखने वाली एक तरह की क्रिएटिव विचारक हूँ.” “लेकिन अगर मैंने कुछ लिखा हुआ देखा है-तो मुझे ऑपरेशनल जानकारी, इसके पीछे की मेहनत याद आ सकती है. तो ऐसा लगता है कि मुझे बड़ी तस्वीर और बड़े स्तर पर सोचने के बीच यह संतुलन मिल गया है.”

यह संतुलन iProspect में उनको बेहतर तरीक़े से सर्व करता है जो परफ़ॉर्मेंस से चलने वाले ब्रैंड बिल्डिंग पर फ़ोकस करता है. मार्च 2021 में, नई मीडिया एजेंसी डेंट्सू कंपनियों, iProspect और Vizeum को एक साथ लेकर आए. अब वे टेक्नोलॉजी, कॉमर्स, कॉन्टेंट, डेटा और संस्कृति के बीच तालमेल बैठा कर तैयार हो चुके हैं. जैसा कि उनके ग्लोबल डायरेक्टर ऑफ कॉमर्स डेमियन लेमैत्रे ने कहा, “आज मार्केटिंग अन्य सभी क्षेत्रों और विषयों-मनोरंजन, संगीत, राजनीति इन सभी के साथ तालमेल बिठाती है. इसलिए, यह समझना ज़रूरी है कि इसे अपनी मार्केटिंग और अपने बिज़नेस में किस तरह इंटीग्रेट किया जाए.”

कुल मिलाकर, अमांडा के अनुसार, उनका “आधार यह है कि मीडिया सिर्फ़ परफ़ॉर्मेंस का नाम है.” जब वह आज के बदलते एडवरटाइज़िंग लैंडस्केप में उस आधार को साबित करने की दिशा में काम करती हैं, तो वह अक्सर अपने करियर के शुरुआत में कस्टमर-आधारित मार्केटिंग को लेकर मिली सलाह पर विचार करती हैं-जब वह वेकबोर्डिंग नहीं कर रही होती हैं.

आपको अब तक की सबसे अच्छी सलाह क्या मिली है और इसने कस्टमर को अपने ब्रैंड और बिज़नेस को आगे बढ़ाने में मदद करने के बारे में आपके सोचने के तरीक़े को किस तरह तैयार किया है?

मुझे दो सलाह मिली. पहली ज़्यादा पारंपरिक है. सालों पहले, मैंने इस लड़के के साथ एक प्रोजेक्ट पर काम किया था. इस लड़के के रग-रग में कारोबार है. वह एक फ़ाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन के लिए एक्सीलरेटर बना रहा था. उसकी सबसे बड़ी बात यह थी कि वह हमेशा ख़ुद को अपने क्लाइंट जैसी स्थिति में रखता था. स्पष्ट रूप से, मुझे पता है-अपने आप को दूसरे की तरह तैयार करना वास्तव में सुनने और करने में आसान लगता है. लेकिन उस समय यह असल में मेरी आँखें खोलने वाला था.

मैं तब एक क्रिएटिव एजेंसी के लिए काम कर रही थी और वे सोचते थे कि उनका क्रिएटिव आइडिया सबसे बड़ा और सबसे अच्छा होगा. मैंने क्लाइंट की ओर से भी काम किया है, इसलिए मेरे पास वह दूसरा तरीक़ा भी है कि आप किसी ऑर्गनाइज़ेशन में चीज़ें किस तरह बेचते हैं और सफलता वास्तव में कैसी दिखती है-और यह सिर्फ़ किसी एक ऐड कैम्पेन के बारे में नहीं है. मैं वास्तव में एडवरटाइज़िंग में बड़े बदलाव वाले बहुत सारे काम करने को लेकर किस्मत वाली रही हूँ-नई कंपनियों को सेट अप करना, नए प्रपोज़िशन, डिजिटल ट्रांसफ़ॉर्मेशन. और हमेशा उस क्लाइंट के नज़रिए से सोचना और ख़ुद को उनकी स्थिति में रखना-न सिर्फ़ ऑर्गनाइज़ेशन के हिसाब से और एक ब्रैंड के हिसाब से, बल्कि निजी तौर पर-यह समझने में वास्तव में मददगार रहा है कि चीज़ों को किस तरह ज़मीन पर उतारा जाए. और इससे भी अहम बात यह है कि हम, बहुत व्यापक स्केल पर काम करने वाली एजेंसी के रूप में, वास्तव में क्लाइंट को अपने बिज़नेस को बेहतर तरीक़े से आगे बढ़ाने में किस तरह मदद कर सकते हैं.

कस्टमर के जुनून और कस्टमर से पीछे रहकर काम करने के मामले में यह सलाह बहुत ज़्यादा Amazon जैसी है. आपने बताया कि आपके पास दो तरह की सलाह थी जो आपको प्रेरित करती हैं. दूसरी सलाह क्या है?

मैं बहुत सारे ऐक्शन स्पोर्ट्स करती हूँ. मैं सर्फिंग, स्नोबोर्डिंग, वेकबोर्डिंग, मौत को चकमा देने वाले किसी भी खेल में बड़ी खिलाड़ी हूँ. और मेरे साथ एक बार बहुत बड़ा एक्सीडेंट हुआ था. मैं केबल वेकबोर्डिंग कर रही थी. असल में, इसमें आप एक झील के चारों ओर घूमते हैं और आप कूदते हैं और आप पीछे से कलाबाज़ियाँ करते हैं और मैंने ऐसा किया और इससे मुझे चोट लगी और मैंने ख़ुद को अस्पताल में पाया. और फिर, जब मैंने वापस पानी में जाने की कोशिश की, तो मैं वास्तव में काफी घबरा गई और इंस्ट्रक्टर ने मुझे बताया: “अमांडा, अगर आपके बाल गीले नहीं हैं, तो आप पूरी तरह कोशिश नहीं कर रही हैं.”

और मुझे यह सलाह पसंद आई और मैं इसे अपने साथ रखती हूँ. मेरे लिए, इसका मतलब है कि वास्तव में ख़ुद को वहाँ के लिए तैयार रखना यानी जोखिम उठाने के लिए तैयार रहना. जब मैं क्लाइंट के काम के बारे में सोचती हूँ, तो इसे पूरी गंभीरता से लेती हूँ. वास्तव में ख़ुद को आगे बढ़ाती हूँ और असफल होने के लिए तैयार रहती हूँ. और अगर आप असफल होते हैं, तो आप सीखते हैं और आप ख़ुद को फिर से खड़ा करते हैं और इस तरह आप आगे बढ़ते हैं. लेकिन आपको जो सीख मिलती है और आप कोशिश करना जारी रखते हैं और इसे परफ़ेक्ट बनाने की कोशिश करते रहते हैं. इसलिए, ये दोनों सलाह वास्तव में मेरे लिए अहम रही हैं और इस बात का आधार हैं कि मैं किस तरह रिलेशनशिप बनाती हूँ और मैं हर समय किस तरह काम करती हूँ-तेज़ मार्केटिंग और सभी तरफ़.

तेज़ मार्केटिंग क्या है?

तेज़ी से आगे बढ़ें और तेज़ी से सोल्यूशन पाएँ-और फिर, इसका दूसरा पहलू ऑडियंस के बारे में ज़्यादा बताता है जो हर समय बदलते रहते हैं.

हमने एक हफ़्ते में एक पिच मीटिंग की और इसका सार यह था: “हम एक तेज़ वर्कशॉप चाहते हैं.” तेज़ करने के लिए, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट के तरीक़े में उनका मतलब “तेज़” नहीं था. बस उनका मतलब था-क्या आप वास्तव में पूरी तेज़ी से काम कर सकते हैं? इसलिए, हम एक ऐसी दुनिया में हैं जहाँ क्लाइंट को तेज़ी से आगे बढ़ना है और उन्हें ऐसी एजेंसी की ज़रूरत है जो जटिल चुनौतियों का तुरंत जवाब दे सकें. इसका मतलब है कि एक टीम में, आपके पास विषय के असल एक्सपर्ट होने चाहिए जो यह जानते हैं कि उनकी भूमिका क्या है और वे इसमें शामिल हो सकते हैं, जान सकते हैं कि वे कहाँ चीज़ों को बेहतर बना सकते हैं, छोटी जानकारी को समझ सकते हैं और वास्तव में तेज़ी से सोल्यूशन तक पहुँच सकते हैं. फिर ऑडियंस तक पहुँचने और उन्हें एंगेज करने के मामले में “तेज़” होना ज़रूरी है.

दुनिया भर में हमारे द्वारा किए जा रहे कुछ बड़े रणनीतिक कामों में हम जो देख रहे हैं, वह यह है कि ऑडियंस की पसंद और पैटर्न लगातार बदल रहे हैं. ब्रैंड के साथ उनका रिलेशन हर समय बदलता जा रह है. जिस तरह से वे ख़रीदारी के फ़ैसले लेते हैं वह बदल रहा है-यह एक जैसा नहीं है, ना ही लीनियर प्रोसस है. इसलिए, उस हिसाब से हमारे लिए, एडवरटाइज़िंग में तेज़ होना सबसे ऊपर है: ऑडियंस और उनके द्वारा दिए जाने वाले सिग्नल को समझ पाना और फिर यह पक्का करने के लिए कि आप शॉपिंग के सफ़र में सबसे उपयुक्त जगह पर हैं, उन्हें या तो ज़रूरी जानकारी देने के काबिल होने के लिए या उन्हें ख़रीदारी करने में मदद के लिए अपने कैम्पेन प्लान को आगे बढ़ा पाना.

इसलिए, यह बहुत ही तेज़ प्लान बना रहा है जो आगे बढ़ सकते हैं और शिफ़्ट हो सकते हैं और फ़्लाइट में बहुत तेज़ी से ऑप्टिमाइज़ हो सकते हैं और फिर तेज़ कॉन्टेंट बना सकते हैं जिसका इस्तेमाल आप अलग-अलग फ़ॉर्मेट में कर सकते हैं जब आप अपने कैम्पेन लेआउट को आगे बढ़ा रहे होते हैं. इसका मतलब यह भी है कि आपके पास एक बहुत ही स्पष्ट मेजरमेंट फ़्रेमवर्क है, ताकि आपको कंज़्यूमर के लिए ज़्यादा वैल्यू और अपने कस्टमर को ज़्यादा फ़ायदा देने के लिए शुरू करने और रोकने की तेज़ी मिल सके. कहानियों को बताने और कस्टमर के साथ रिलेशन बनाने में आप और ज़्यादा तेज़ किस तरह हो सकते हैं, इस संदर्भ में मैं और ज़्यादा रणनीतिक होना चाहती हूँ, लेकिन मुझे लगता है कि फ़िलहाल कस्टमर हमें तेज़ी से आगे बढ़ने के लिए कह रहे हैं.

परफ़ॉर्मेंस-आधारित ब्रैंड बिल्डिंग में आपका काम उत्साह बढ़ाने वाला है. क्या आप उस बारे में बात कर सकती हैं जिसके बारे में आप सबसे ज़्यादा उत्साहित हैं, जब आप आगे आने वाले दिनों में इंडस्ट्री को देखती हैं?

पहले, हम अक्सर उस स्पष्ट इनसाइट को पाने के लिए क्रिएटिव से संघर्ष करते रहे हैं, जो उस क्रिएटिव टीम को उस ज़बरदस्त काम को पूरा करने के काबिल बना सकती है जो ब्रैंड को आगे बढ़ाने और अवार्ड जीतने वाला है. और अब, हम एक ऐसी दुनिया में हैं जहाँ हमारे पास वास्तव में शानदार डेटा साइंस क्षमताएँ हैं जो बेहतर क्रिएटिव डिलीवर कर सकती हैं. मुझे लगता है कि इनसाइट, सोच, आइडिया जो डेटा और AI से बनाए जा सकते हैं और जिस तरह से वे अपने आप में सामने आते हैं असल में वह रोमांचक है. मैं एक ऐसी दुनिया से आई हूँ जहाँ अगर आपने एक क्रिएटिव डायरेक्टर को बताया कि वे एक डेटा साइंस के साथ काम करने जा रहे हैं, तो वे आपसे सवाल करेंगे. लेकिन अब, यह बिल्कुल स्वाभाविक है. इसलिए, मुझे लगता है कि कॉम्बिनेशन ही असली जादू है और मुझे लगता है कि जैसे-जैसे हम आगे बढ़ेंगे, हमें इसमें और तेज़ी दिखेगी.