Reprise Commerce डिजिटल कॉमर्स पर असर डालने वाली रुकावटों और बदलावों के बारे में अहम जानकारी देता है और बताता है कि ब्रैंड इसका इस्तेमाल किस तरह शुरू कर सकते हैं

17 जनवरी, 2023 | लेखक: ज़रीन इमाम, सीनियर कॉन्टेंट और एडिटोरियल मैनेजर

मोबाइल फ़ोन देख कर खुशी से चीखता हुआ व्यक्ति
CES का कवरेज

यह ब्लॉग पोस्ट Amazon Ads के CES कवरेज का हिस्सा है. लास वेगास में 5-8 जनवरी, 2023 को हुई कॉन्फ़्रेंस के दौरान, हमने नई इनसाइट, ट्रेंड और प्रोडक्ट शोकेस किए, जिनसे ब्रैंड को अपनी मार्केटिंग रणनीतियां बेहतर बनाने और अपने बिज़नेस आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है.

कंज़्यूमर के ज़ज्बे और आदतों में बदलाव आने के साथ ही डिजिटल कॉमर्स की अहमियत लगातार बढ़ती जा रही है, यानी वे नई टेक्नोलॉजी और चैनल इस्तेमाल करके अपनी ज़रूरत के प्रोडक्ट खोजने और खरीदने लगे हैं. इसका मतलब है कि ब्रैंड को ज़रूरत के हिसाब से अपने कस्टमर तक पहुँचने के साथ ही कारगर मैसेज देते रहने के लिए लगातार बदलाव के लिए तैयार और मुस्तैद रहना होगा.

दुनिया की सबसे असरदार टेक्नोलॉजी कॉन्फ़्रेंस में से एक CES में, Amazon Ads ने हमारे कॉन्टेंट स्टूडियो में ब्रैंड लीडर और एजेंसी पार्टनर के साथ उन तरीकों के बारे में बातचीत की, जिनके ज़रिए वे ऑडियंस से कनेक्ट हो रहे हैं, टॉप ऑफ़ माइंड बने हुए हैं और ब्रैंड से जुड़ी पसंद और विश्वसनीयता को बढ़ावा दे रहे हैं. 2023 की कॉन्फ़्रेंस में, हमने कॉमर्स से जुड़ी सभी बातों को शामिल करते हुए, Interpublic Group के हिस्से के तौर पर दुनिया भर में काम करने वाली एजेंसी, Reprise Commerce के ग्लोबल प्रेसिडेंट ग्लेन कॉनीबेयर का इंटरव्यू लिया.

बातचीत के दौरान, कॉनीबेयर ने बताया कि कॉमर्स के कामकाज के तरीक़े किस तरह से बदल रहे हैं और ब्रैंड किस तरह खरीदार के साथ बेहतर तरीके से जुड़ सकते हैं और उन्हें एंगेज कर सकते हैं. कॉमर्स से जुड़े ट्रेंड और मार्केटर क्या सीख सकते हैं, इस बारे में उनकी इनसाइट के लिए नीचे दिए गए उनके इंटरव्यू के ज़रिए पूरी जानकारी पाएँ.

ब्रैंड ने कंज़्यूमर के साथ ऑनलाइन इंटरैक्ट करने के तरीके़ को किस तरह से बदल दिया है?

ऑनलाइन बिज़नेस में बढ़त हासिल करने वाले ब्रैंड अपनी तरक़्क़ी की राह पर आगे बढ़ते जा रहे हैं. ऑफ़र, क़ाबिलियत और काम करने के नज़रिए से अभी भी आगे न बढ़ने वाले ब्रैंड पीछे रह गए हैं. यह सारा मामला कंज़्यूमर की उम्मीदों से जुड़ा हुआ है, यक़ीनन, उनकी उम्मीदें काफ़ी हद तक बढ़ गई हैं.

कॉमर्स की अहमियत किस तरह से बढ़ी है और यह ब्रैंड के साथ ही मार्केटर के लिए भी क्यों मायने रखता है?

कॉमर्स पर अधिकार पाने का मतलब बिक्री हासिल करना हुआ करता था. यह अभी भी कारगर है, लेकिन कंज़्यूमर के टॉप ऑफ़ माइंड बने रहने के लिए, ब्रैंड को डिस्कवरी वाली स्टेज—और वे ऑडियंस को किस तरह दिखाई दे रहे हैं, इस बारे में ज़्यादा से ज़्यादा सोचना होगा.

जैसे, मैंने हाल ही में रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर ख़रीदा था और रिसर्च करने वाले स्टेप में, मैंने हर उस तरीके़ का इस्तेमाल किया था, जिसके बारे में आप सोच सकते हैं. मैं ऑनलाइन स्टोर पर जा रहा था, सोशल मीडिया पर सर्च कर रहा था और रिव्यू पढ़ रहा था. जब मैंने फ़ैसला ले लिया कि क्या ख़रीदना है, तब मैंने कहाँ से खरीदना है और न सिर्फ़ कीमत बल्कि और भी सुविधाओं, यानी मुफ़्त एक्सप्रेस डिलीवरी या मैन्युफ़ेक्चरर की ओर से दी जाने वाली एक्सटेंडेड वारंटी जैसे ऐड-ऑन के बारे में विचार करते हुए काम करना शुरू कर दिया. इसलिए, कॉमर्स से जुड़ी रणनीतियों का प्लान बनाते समय, मैं ब्रैंड को इस बारे में सोचने के लिए कहता हूँ कि कंज़्यूमर किन-किन लंबी प्रोसेस से होते हुए आगे बढ़ते हैं, यह सिर्फ़ प्रोडक्ट जानकारी पेज तक ही सीमित नहीं है.

आज के दौर में ब्रैंड के आगे बढ़ने में सबसे अहम चुनौती क्या है?

सबसे अलग नज़र आना. ऐसा करने के लिए, आपको मुस्तैद रहना चाहिए और अपने कस्टमर को भी समझना चाहिए. ऐसा करने से आपके ब्रैंड को खोजे जाने और टॉप ऑफ़ माइंड बने रहने में मदद मिल सकती है.

ख़ास तौर से ऑडियंस के अलग-अलग जगहों पर मौजूद होने के इस दौर में, ब्रैंड किस तरह से कस्टमर तक बेहतर तरीके से पहुँच सकते हैं?

मार्केटिंग बजट का कुछ हिस्सा टेस्टिंग के लिए अलग रखें. हमारा सारा ध्यान ऐड पर किए गए खर्च से मिलने वाले फ़ायदे पर नज़र रखने में ही लगा रहता है, सही मायनों में हम एक-एक पैसे को बचाने में लगे रहते हैं. ऐसा करने का नुक़सान यह है कि इसकी वजह से हमारी क्रिएटिविटी एक दायरे में सिमट जाती है और हम नई चीज़ें आज़माने से डरते हैं. मैं ब्रैंड को अपने बजट का कम से कम 10% हिस्सा एक्सपेरिमेंट और टेस्ट करने के लिए अलग रखने के बारे में कहता हूँ: भले ही 8% से काम न बने, लेकिन 2% भी बेशक़ीमती जानकारी देने वाला साबित हो सकता है.

इस बारे में कोई सलाह दें कि आर्थिक अनिश्चितता के दौर में खास तौर से छोटे और मीडियम साइज़ का बिज़नेस करने वाले ब्रैंड किस तरह से आगे बढ़ सकते हैं और अपने कस्टमर को सर्विस दे सकते हैं?

कन्वर्ज़न पर भी उतना ही ध्यान दें जितना आप ट्रैफ़िक हासिल करने पर देते हैं. हम अभी भी देखते हैं कि कई ब्रैंड ऐसे हैं जो ट्रैफ़िक को अपने चुने हुए डेस्टिनेशन पर ले जाने के बारे में बेहद गंभीरता से सोचते हैं और फिर इस पर बहुत कम ध्यान देते हैं कि आगे क्या होता है.

कन्वर्शन रेट में काफ़ी कम बढ़त होने की वजह से ख़राब परफ़ॉर्म करने वाला कैम्पेन भी बेहतरीन कैम्पेन में बदल सकता है, इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि आपके ब्रैंड के Stores, प्रोडक्ट जानकारी पेज वगैरह सही मायनों में सबसे शानदार हों.

जैसे कि, वीडियो जोड़ देने भर से बहुत बड़ा फ़र्क आ सकता है. लेकिन फिर आगे बढ़ें: ज़्यादा से ज़्यादा मुनाफ़ा पाने में मदद हासिल करने के लिए आप और क्या बेच सकते हैं? क्या बंडल या बल्क डिस्काउंट कोई मायने रखता है? इन रणनीतियों की वजह से कैम्पेन के मुनाफ़ा देने वाला साबित होने पर ज़बरदस्त असर पड़ सकता है.

ऑनलाइन कॉमर्स के भविष्य को लेकर कौनसी बात आपको उत्साहित करती है?

ऑनलाइन कॉमर्स और भी ज़रूरी चीज़ बनने वाला है. बेशक, यह पक्का करने की चुनौती भी हमारे सामने है कि इसकी वजह से हमारे पर्यावरण पर कम से कम असर पड़े.

ब्रैंड को 2023 में ऑडियंस की ओर से क्या देखने की उम्मीद करनी चाहिए?

उम्मीदें आसमान पर होंगी, धीरज कम दिखाई देगा और सबसे ज़्यादा गुंज़ाइश है कि ब्रैंड की विश्वसनीयता में कमी आए. दूसरे शब्दों में कहें, तो हर तरह की बाधाएँ हमारे सामने खड़ी हैं. हम अपना सफ़र पहले ही शुरू कर चुके हैं.